आप शौचालय से उठते हैं और टॉयलेट पेपर पर खून देखकर घबरा जाते हैं। या फिर बैठने पर इतना दर्द होता है कि काम पर ध्यान नहीं लगता। अगर यह आपके साथ हो रहा है, तो आप अकेले नहीं हैं।
भारत में हर साल लगभग 1 करोड़ से ज़्यादा लोग पाइल्स की समस्या से जूझते हैं। यह समस्या इतनी आम है कि 50 साल की उम्र तक लगभग 50% लोग इससे प्रभावित होते हैं। लेकिन शर्म और झिझक की वजह से ज़्यादातर लोग इसका इलाज नहीं करवाते।
मैं आपको बता रहा हूँ – यह गलती बहुत महंगी पड़ सकती है।
इस ब्लॉग में आप जानेंगे कि पाइल्स क्या है, इसके लक्षण, घरेलू उपचार, दवाइयाँ और सबसे ज़रूरी – कैसे इससे बचा जाए। यह जानकारी चिकित्सा शोध और वास्तविक केस स्टडी पर आधारित है।
पाइल्स क्या है? (What is Piles Disease)
पाइल्स को हिंदी में बवासीर कहते हैं। इसे मेडिकल भाषा में हेमोरॉइड्स (Hemorrhoids) कहा जाता है।
सरल शब्दों में कहें तो – यह गुदा (anus) और मलाशय के निचले हिस्से में मौजूद रक्त वाहिकाओं (blood vessels) का सूज जाना है। जब इन नसों पर ज़्यादा दबाव पड़ता है, तो वे फूल जाती हैं और दर्द देने लगती हैं।
पाइल्स के दो मुख्य प्रकार होते हैं:
- आंतरिक बवासीर (Internal Piles): यह गुदा के अंदर होता है और आमतौर पर दर्द नहीं करता, लेकिन खून आ सकता है।
- बाहरी बवासीर (External Piles): यह गुदा के बाहर त्वचा के नीचे होता है। यह ज़्यादा दर्दनाक होता है और इसमें खुजली और सूजन होती है।
खूनी बवासीर क्या है?
जब मल त्याग के दौरान नसें फट जाती हैं और ताजा लाल रंग का खून निकलने लगे तो इसे खूनी बवासीर कहते हैं। यह आमतौर पर मल त्याग के दौरान या उसके बाद होता है। खून का रंग चमकीला लाल होता है।
2019 में Delhi के एक अस्पताल में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि 67% पाइल्स के मरीजों में रक्तस्राव मुख्य लक्षण था।
समस्या: पाइल्स के लक्षण जो नज़रअंदाज़ नहीं करने चाहिए
अब सवाल यह है कि आपको कैसे पता चलेगा कि आपको पाइल्स है?
मुख्य लक्षण:
- खून का आना: मल त्याग के समय या उसके बाद ताजा लाल खून दिखना। यह टॉयलेट पेपर पर, टॉयलेट बॉउल में या मल के ऊपर दिख सकता है।
- गुदा में दर्द और असुविधा: खासकर बैठते समय या मल त्याग के दौरान।
- सूजन और गांठ: गुदा के आसपास सूजन या गांठ महसूस होना। कभी-कभी यह गांठ बाहर निकल आती है।
- खुजली और जलन: गुदा के आसपास लगातार खुजली होना।
- म्यूकस डिस्चार्ज: गुदा से चिपचिपा द्रव निकलना।
Mumbai के 42 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश (नाम बदला हुआ) को 6 महीने तक हल्का रक्तस्राव हो रहा था। उन्होंने सोचा कि यह खुद ठीक हो जाएगा। लेकिन धीरे-धीरे दर्द बढ़ता गया और वे कुर्सी पर बैठ नहीं पाते थे।
जब वे डॉक्टर के पास गए, तो पता चला कि उन्हें ग्रेड 3 का आंतरिक बवासीर है। अगर वे और 2-3 महीने इंतज़ार करते, तो सर्जरी ज़रूरी हो जाती।
यह कहानी इसलिए ज़रूरी है क्योंकि ज़्यादातर लोग इसे ignore करते हैं।
उत्तेजना: अगर इलाज नहीं किया तो क्या होगा?
पाइल्स को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है।
संभावित जटिलताएँ:
- एनीमिया (Anemia): लगातार खून बहने से शरीर में खून की कमी हो जाती है। इससे कमजोरी, थकान और चक्कर आने लगते हैं।
- थ्रोम्बोस्ड हेमोरॉइड्स: बाहरी बवासीर में खून का थक्का जम जाता है, जिससे गंभीर दर्द होता है।
- स्ट्रैंगुलेटेड हेमोरॉइड्स: आंतरिक बवासीर बाहर निकल जाता है और उसमें खून का प्रवाह रुक जाता है। यह बेहद दर्दनाक होता है।
- गुदा में फिशर (Anal Fissure): गुदा की त्वचा में दरारें पड़ जाती हैं।
National Institute of Health के अनुसार, 10 में से 1 पाइल्स का मरीज जो समय पर इलाज नहीं करवाता, उसे सर्जरी की ज़रूरत पड़ती है।
समाधान (piles solution): पाइल्स का घरेलू उपचार (Home Remedies for Piles)
अच्छी खबर यह है कि शुरुआती स्टेज में पाइल्स को घर पर ही ठीक किया जा सकता है। आइए जानें proven घरेलू उपचार:
-
गर्म पानी से सिकाई (Sitz Bath)
एक टब में हल्का गर्म पानी भरें और उसमें 15-20 मिनट बैठें। यह दिन में 2-3 बार करें, खासकर मल त्याग के बाद।
कैसे काम करता है: गर्म पानी से रक्त संचार बढ़ता है और सूजन कम होती है।
-
नारियल तेल या एलोवेरा जेल
प्रभावित जगह पर शुद्ध नारियल तेल या ताजा एलोवेरा जेल लगाएं।
वैज्ञानिक आधार: Journal of Alternative Medicine में 2012 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि एलोवेरा में anti-inflammatory गुण होते हैं जो सूजन कम करते हैं।
-
फाइबर युक्त आहार बढ़ाएं
रोज़ाना 25-30 ग्राम फाइबर खाएं। इसमें शामिल करें:
– साबुत अनाज (ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस)
– हरी सब्जियां (पालक, मेथी, ब्रोकली)
– फल (पपीता, अमरूद, सेब)
– दालें और छिलके वाली दालें
असर: फाइबर मल को मुलायम बनाता है, जिससे मल त्याग आसान हो जाता है।
-
ईसबगोल की भूसी (Psyllium Husk)
रात को सोने से पहले एक चम्मच ईसबगोल को एक गिलास गुनगुने पानी या दूध के साथ लें।
-
हल्दी और घी का मिश्रण
एक चम्मच हल्दी पाउडर को 2 चम्मच देसी घी में मिलाकर लगाएं। हल्दी में curcumin होता है जो सूजन कम करता है।
-
बर्फ की सिकाई (Ice Pack)
एक साफ कपड़े में बर्फ लपेटकर 10-15 मिनट तक प्रभावित जगह पर लगाएं। यह सूजन और दर्द दोनों कम करता है।
-
खूब पानी पिएं
रोज़ाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। यह मल को मुलायम रखता है।
-
त्रिफला चूर्ण
रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें। यह पाचन सुधारता है और कब्ज दूर करता है।
पाइल्स की दवाइयाँ (Medicines for Piles)
जब घरेलू उपचार पर्याप्त नहीं होते, तो दवाइयों की ज़रूरत पड़ती है। यहाँ कुछ प्रमुख दवाइयां हैं:
-
मलहम और क्रीम (Ointments & Creams)
Anobliss Cream: इसमें lidocaine और hydrocortisone होता है जो दर्द और सूजन कम करता है।
Smuth Gel: यह खुजली और जलन में राहत देता है।
Pilogo-H Cream: Pilogo-H Cream एक मेडिकेटेड क्रीम है जो पाइल्स (बवासीर), एनल फिशर और गुदा की सूजन में इस्तेमाल की जाती है। यह क्रीम गुदा क्षेत्र में होने वाले दर्द, जलन, खुजली और सूजन को कम करने में मदद करती है। इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो दर्द को सुन्न करते हैं और सूजन को शांत करते हैं, जिससे मल त्याग के समय होने वाली परेशानी कम होती है। यह खून के बहाव को नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकती है। Pilogo-H क्रीम को आमतौर पर दिन में 2 बार, गुदा क्षेत्र को साफ करके लगाया जाता है। बिना डॉक्टर की सलाह के इसे 7-10 दिन से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
Sucrol Ano Cream: Sucrol Ano Cream भी पाइल्स के इलाज में इस्तेमाल होने वाली क्रीम है, जो खासतौर पर खूनी बवासीर और सूजे हुए मस्सों में लाभदायक होती है। यह मस्सों की सूजन को कम करती है, जलन और दर्द से राहत देती है तथा घाव को भरने में मदद करती है। इसके नियमित उपयोग से मल त्याग के समय होने वाला तेज दर्द और खून आना कम हो सकता है। इस क्रीम को भी दिन में 2 बार या डॉक्टर की सलाह अनुसार, साफ करने के बाद लगाया जाता है। बेहतर परिणाम के लिए इसके साथ कब्ज से बचाव और सही खानपान बहुत जरूरी है।
-
दर्द निवारक दवाएं
Paracetamol: दर्द कम करने के लिए।
Ibuprofen: सूजन और दर्द दोनों में फायदेमंद, लेकिन डॉक्टर की सलाह से ही लें।
-
स्टूल सॉफ्टनर
Dulcolax Stool Softener: मल को नरम बनाता है।
-
आयुर्वेदिक दवाइयाँ
Pilex Tablets (Himalaya): यह आयुर्वेदिक गोली सूजन कम करती है और रक्तस्राव रोकती है।
Arshoghni Vati: बवासीर की पुरानी आयुर्वेदिक दवा।
-
इंजेक्शन थेरेपी (Sclerotherapy)
ग्रेड 2-3 के बवासीर में डॉक्टर एक विशेष इंजेक्शन लगाते हैं जो बवासीर को सुखा देता है।
ध्यान दें: किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श ज़रूरी है।
पाइल्स से बचाव के तरीके (Prevention Tips)
सच कहूं तो – रोकथाम इलाज से बेहतर है। यहाँ कुछ proven तरीके हैं:
- शौच की सही आदतें
– जब भी शौच जाने की इच्छा हो, तुरंत जाएं। उसे रोकें नहीं।
– शौचालय में 5 मिनट से ज़्यादा न बैठें।
– मल त्याग के दौरान ज़ोर न लगाएं।
– मोबाइल या किताब लेकर शौचालय में न जाएं।
- नियमित व्यायाम करें
रोज़ाना 30 मिनट की हल्की एक्सरसाइज़ करें जैसे:
– सुबह-शाम की सैर
– योग (पवनमुक्तासन, भुजंगासन, शलभासन)
– साइकिलिंग
– तैराकी
वैज्ञानिक तथ्य: 2020 में British Journal of Surgery में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि नियमित व्यायाम करने वाले लोगों में पाइल्स का खतरा 30% कम होता है।
- लंबे समय तक बैठे न रहें
अगर आपका काम डेस्क जॉब है, तो हर घंटे में 5 मिनट के लिए उठकर चलें।
- सही तरीके से मल त्याग करें
भारतीय शैली (squatting position) में बैठना ज़्यादा फायदेमंद है। अगर Western टॉयलेट है, तो पैरों के नीचे एक छोटा स्टूल रखें।
- तंग कपड़े न पहनें
ढीले, सूती कपड़े पहनें जो हवा का संचार बनाए रखें।
- मसालेदार और तला-भुना खाना कम करें
ज़्यादा मिर्च-मसाले, तेलीय खाना और जंक फूड पाचन को खराब करते हैं।
- वजन नियंत्रित रखें
मोटापा पेट के निचले हिस्से पर दबाव बढ़ाता है।
- गर्भावस्था में सावधानी
गर्भवती महिलाओं को पाइल्स होने का खतरा ज़्यादा होता है। फाइबर युक्त आहार और हल्का व्यायाम करें।
कब डॉक्टर के पास जाना ज़रूरी है?
घरेलू उपचार हमेशा काम नहीं करते। निम्न स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से मिलें:
– लगातार या भारी रक्तस्राव हो रहा हो
– काले रंग का या बदबूदार मल आए
– तेज़ दर्द हो जो दवा से ठीक न हो
– बुखार हो
– गुदा के पास बड़ी गांठ महसूस हो
– 1-2 हफ्ते में घरेलू उपचार से फायदा न हो
आधुनिक उपचार विकल्प (Modern Treatment Options)
- रबर बैंड लिगेशन
इसमें आंतरिक बवासीर पर एक छोटा रबर बैंड बांध दिया जाता है, जिससे उसमें खून का प्रवाह बंद हो जाता है और वह सूख जाता है।
- लेजर उपचार
यह दर्द रहित और तेज़ प्रक्रिया है। मरीज उसी दिन घर जा सकता है।
- हेमोरॉयडेक्टमी (Hemorrhoidectomy)
गंभीर मामलों में सर्जरी से बवासीर को हटा दिया जाता है।
निष्कर्ष
पाइल्स या बवासीर एक आम समस्या है जिससे लाखों लोग पीड़ित हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि सही जानकारी, समय पर इलाज और जीवनशैली में बदलाव से इसे ठीक किया जा सकता है।
याद रखें – शर्म की कोई बात नहीं है। यह एक मेडिकल कंडीशन है जिसका इलाज संभव है।
अगर आपको पाइल्स के लक्षण दिख रहे हैं, तो:
- घरेलू उपचार शुरू करें
- फाइबर युक्त आहार लें
- खूब पानी पिएं
- अगर 1-2 हफ्ते में सुधार न हो तो डॉक्टर से मिलें
अपनी सेहत को प्राथमिकता दें। आज ही सही कदम उठाएं।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी उपचार को शुरू करने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।
क्या आपको यह जानकारी उपयोगी लगी? अपने अनुभव कमेंट में शेयर करें और इस लेख को उन लोगों के साथ शेयर करें जिन्हें इसकी ज़रूरत है।